Khelo India News– वेरोना (इटली): मिलान कॉर्टिना 2026 विंटर पैरालंपिक खेलों का आगाज उम्मीद के मुताबिक उत्साहपूर्ण नहीं रहा। उद्घाटन समारोह की ‘एथलीट्स परेड’ (Parade of Nations) के दौरान आधे से ज्यादा देशों के खिलाड़ी नदारद दिखे। अंतरराष्ट्रीय पैरालंपिक समिति (IPC) के अनुसार, परेड में भाग लेने वाले 55 देशों में से केवल 28 देशों के एथलीट ही भौतिक रूप से मार्च-पास्ट में शामिल हुए।
2026 विंटर पैरालंपिक विरोध का मुख्य कारण: रूस और बेलारूस की वापसी
इस बड़े पैमाने पर गैर-मौजूदगी का मुख्य कारण IPC का वह फैसला है, जिसके तहत रूस और बेलारूस के खिलाड़ियों को उनके राष्ट्रीय ध्वज और प्रतीकों के साथ खेलने की अनुमति दी गई है। 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण के बाद से इन देशों पर कड़े प्रतिबंध थे, लेकिन इस बार इन्हें ‘न्यूट्रल’ स्टेटस के बजाय पूर्ण प्रतिनिधित्व की छूट दी गई।
यूक्रेन के नेतृत्व में कई देशों ने इस फैसले को ‘खेल का राजनीतिकरण’ बताते हुए उद्घाटन समारोह का बहिष्कार किया।
इन देशों ने दर्ज कराया कड़ा विरोध
परेड से दूरी बनाने वाले प्रमुख देशों में यूक्रेन, चेक गणराज्य, एस्टोनिया, फिनलैंड, लातविया, लिथुआनिया और पोलैंड शामिल हैं। जर्मनी ने भी यूक्रेन के साथ एकजुटता दिखाने के लिए परेड में शामिल न होने का फैसला किया।
कनाडा, ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देशों के खिलाड़ी भी परेड में नहीं दिखे, हालांकि उन्होंने इसके पीछे ‘लॉजिस्टिक’ और ‘प्रदर्शन’ (Performance) संबंधी कारणों का हवाला दिया। जिन देशों के एथलीट मौजूद नहीं थे, वहां स्वयंसेवकों (Volunteers) ने उनके झंडे और प्लैकार्ड थामे।
ईरान की सुरक्षा कारणों से अनुपस्थिति
राजनीतिक बहिष्कार के बीच ईरान का मामला अलग रहा। मध्य पूर्व (Middle East) में चल रहे युद्ध और सुरक्षा जोखिमों के कारण ईरान का एकमात्र एथलीट इटली नहीं पहुंच सका, जिससे अंतिम समय में ईरान को खेलों से हटना पड़ा।
IPC का पक्ष: खेल और राजनीति को अलग रखने की अपील
IPC अध्यक्ष एंड्रयू पार्सन्स ने इस स्थिति पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि खेल को राजनीति से ऊपर रखना चाहिए। उन्होंने प्रशंसकों से अपील की कि वे एथलीटों के प्रदर्शन पर ध्यान दें, न कि राजनीतिक विवादों पर।





















