Home खेलो इंडिया गेम्स छत्तीसगढ़ में होगा पहले ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ का आगाज़

छत्तीसगढ़ में होगा पहले ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ का आगाज़

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026

खेल मंत्री बोले- “आदिवासी प्रतिभाओं को मिलेगा वैश्विक मंच”

खेलो इंडिया न्यूज़ डेस्क नई दिल्ली | 6 मार्च, 2026

भारत की छिपी हुई खेल प्रतिभाओं, खासकर आदिवासी क्षेत्रों के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने घोषणा की है कि पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स (KITG) का आयोजन 26 मार्च से 6 अप्रैल, 2026 तक छत्तीसगढ़ में किया जाएगा।

यह पहली बार है जब देश में विशेष रूप से आदिवासी एथलीटों के लिए इतने बड़े स्तर पर राष्ट्रीय खेलों का आयोजन हो रहा है। इन खेलों की मेजबानी का गौरव छत्तीसगढ़ को मिला है, जहाँ के तीन प्रमुख शहरों— रायपुर, जगदलपुर (बस्तर) और सरगुजा में ये प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी।

विकसित भारत के संकल्प में खेलों की भूमिका

डॉ. मांडविया ने नई दिल्ली में इस आयोजन की जानकारी देते हुए कहा, “खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स हमारे उन प्रयासों का विस्तार है, जिसका लक्ष्य हर उस युवा को अवसर देना है जो खेलना चाहता है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के विजन का एक अहम हिस्सा है।”

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आदिवासी समुदायों में प्राकृतिक रूप से शारीरिक क्षमता और जुझारूपन होता है। सरकार का उद्देश्य इन युवाओं की जल्द पहचान कर उन्हें विश्व स्तरीय प्रशिक्षण और राष्ट्रीय खेल ढांचे से जोड़ना है।

इन 7 खेलों में दिखेंगे पदक के मुकाबले

इस 12 दिवसीय खेल महाकुंभ में कुल 7 पदक स्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी:

  1. एथलीटिक्स
  2. फुटबॉल
  3. हॉकी
  4. वेटलिफ्टिंग
  5. तीरंदाजी (आर्चरी)
  6. तैराकी
  7. कुश्ती

इनके अलावा, दर्शकों को भारत की पारंपरिक खेल विरासत से रूबरू कराने के लिए मल्लखंभ और कबड्डी का ‘डेमो गेम’ के रूप में प्रदर्शन किया जाएगा। इन खेलों में देशभर के लगभग सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के आदिवासी खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।

शुभंकर ‘मोरवीर’ और आदिवासी गौरव

इन खेलों का आधिकारिक शुभंकर (Mascot) ‘मोरवीर’ है। छत्तीसगढ़ी भाषा में ‘मोर’ का अर्थ है ‘मेरा’ और ‘वीर’ साहस का प्रतीक है। ‘मोरवीर’ भारत के आदिवासी समुदायों के गौरव, अडिग साहस और उनकी पहचान को दर्शाता है। खेल मंत्री ने बताया कि इन खेलों के तकनीकी मानक पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय स्तर के रखे जाएंगे।

खिलाड़ियों को मिलेगी स्कॉलरशिप

खेलो इंडिया योजना के तहत इस प्रतियोगिता में चमकने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को ‘खेलो इंडिया एथलीट’ के रूप में चुना जाएगा। चयनित खिलाड़ियों को 8 वर्षों तक हर साल 5 लाख रुपये की स्कॉलरशिप और ट्रेनिंग में मदद दी जाएगी, ताकि वे भविष्य में ओलंपिक जैसे बड़े मंचों पर भारत का तिरंगा लहरा सकें।