Khelo India News – नई दिल्ली में केटलबेल स्पोर्ट इंडिया एसोसिएशन (KSIA) ने अपने संगठन को नई दिशा देने की पहल करते हुए 2026 से 2030 तक के कार्यकाल के लिए नई कार्यकारिणी का ऐलान कर दिया है। इथियोपियन कल्चर सेंटर में आयोजित विशेष वार्षिक आम सभा (AGM) और चुनाव प्रक्रिया के बाद यह नई टीम सामने आई। यह बदलाव केवल पदों का पुनर्गठन नहीं है, बल्कि इसे भारत में केटलबेल खेल को तेजी से आगे बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत पहचान बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
KSIA की नई कार्यकारिणी की पूरी सूची (2026–2030)
अध्यक्ष: गगनदीप हांडा
महासचिव: नीरज देसवाल
कोषाध्यक्ष: दिव्या कुमारी
उपाध्यक्ष: एडवोकेट विष्णु प्रदीप, सुषमा बाजवा, शालिनी सिंह, पी. संदीप कुमार
संयुक्त सचिव: मुनीर शेख, अंशुमान दत्ता, मदिरा, उत्तम अग्रवाल
कार्यकारिणी सदस्य: सिद्धार्थ सरपोतदार, डॉ. विक्रम दामोदर सतपुते, वंदिता वर्मा, सैकत रॉय
गैर-निर्वाचित पद:
चेयरमैन: हरपाल सिंह फ्लोरा
CEO: अंशु तारावथ
नई टीम में अनुभवी प्रशासकों और नए चेहरों का मिश्रण है, जिससे संगठन को रणनीतिक और संचालन दोनों स्तर पर मजबूती मिलने की उम्मीद है।
केटलबेल तेजी स्पोर्ट से बढ़ता खेल और भारत की भूमिका
केटलबेल स्पोर्ट आज दुनिया के कई देशों में लोकप्रिय हो चुका है। यह खेल शक्ति, सहनशक्ति और तकनीकी दक्षता का अनूठा संयोजन है। KSIA, इंटरनेशनल यूनियन ऑफ केटलबेल लिफ्टिंग (IUKL) से संबद्ध है, जिसके कारण भारत को वैश्विक मंच पर प्रतिनिधित्व मिलता है। यह खेल 80 से अधिक देशों में खेला जाता है और इसमें विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (WADA) के नियमों का सख्ती से पालन किया जाता है, जिससे इसकी पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहती है।
2026 में फिर भारत बनेगा मेजबान
दिल्ली ने 2022 में केटलबेल वर्ल्ड चैंपियनशिप की सफल मेजबानी की थी। अब 2026 में एक बार फिर यह आयोजन भारत में होने जा रहा है। यह भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में बढ़ती सक्रियता और भरोसे का संकेत है। नई कार्यकारिणी के सामने अब दोहरी जिम्मेदारी है—एक तरफ इस वैश्विक आयोजन को सफल बनाना और दूसरी ओर देशभर में केटलबेल खेल को जमीनी स्तर तक पहुंचाना।
Khelo India News का नजरिया
Khelo India News का मानना है कि भारत में ऐसे उभरते खेलों को सही प्रशासनिक समर्थन और जमीनी स्तर पर संरचना मिले, तो देश नई खेल शक्तियों के रूप में उभर सकता है। केटलबेल स्पोर्ट का यह चरण उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है।
















